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क्या एंटी रोमियो से लगेगी मनचलों पर लगाम ?

उत्तर प्रदेश में भाजपा की नवगठित सरकार ने अपने तेवर दिखाने शुरू किये उसी क्रम में एंटी रोम्यो का गठन किया गया. लेकिन किसी भी योजना के शुरू होते ही उस पर अपना विरोध जताने का तरीका शायद विपक्ष में बैठने वाले राम गोपला यादव जी भूल गये. उनके मुताबिक एंटी रोमियो से "नौजवानों" को दिक्कत हो रही है पर ये समझ से परे है कि जिन नौजवानों की दिक्कत की बात राम गोपाल जी कह रहे है उनमे से किसी ने भी पकडे जाने के बाद भी किसी तरह का आरोप पुलिस पर नही लगाया या फिर पुलिस को किसी भी प्रकार की लिखित शिकायत नही की है क्यूंकि शायद वो लड़के हुडदंगी किस्म के ही थे.
शायद राम गोपाल जी ने उन लड़कियों के विडियो नही देखे जिसमे उन्होंने कैमरे के सामने ये बात कुबुली है की इस योजना के शुरु होने से उन्हें काफी फायेदा होगा 
सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है अच्छी बात है लेकिन एंटी रोमियो की आड़ में अगर किसी प्यार करने वाले बालिगो को सरेराह पीटना या फिर बात करते दो दोस्तों को मारना सरासर गलत है.
सरकार को इसके दुसरे पहलू पर भी ध्यान देना होगा की इस योजना का गलत इस्तेमाल न होने पाए.
भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और यहाँ सबको अपने तरीके से जीने का अधिकार है. सरकार को अपना फोकस इन पहेलुओं पर भी करना होगा.

अपूर्व बाजपेयी
शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश
|7897211842

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