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“केरल की तबाही से कुछ सीखेंगे हम”

दक्षिण भारत का एक खूबसूरत राज्य केरल इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. पिछले दिनों आयी भीषण बाढ़ से केरल लगभग तबाह हो चुका है. जिन्दगी को पटरी पर दोबारा लाने के प्रयास सरकारों द्वारा शुरू किये जा चुके है, इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा छः सौ करोड़ रुपए जारी भी किये गये है. हालाँकि यह राशि अत्यंत कम है क्योंकि केरल के राज्यपाल ने लगभग दो हजार करोड़ की अनुमानित नुकसान का अंदाजा जताया है.        केरल में इस साल तीस मई से मानसूनी बारिश ने जो कहर ढाना शुरू किया, उसका असर वर्तमान समय तक आते आते बाढ़ ने ले लिया. यहाँ यह कहना गलत न होगा कि “आसमान से तो केवल पानी की बूंदे बरसती है लेकिन धरती पर सरकार की नाकामी उसे बाढ़ का रूप देती है. करीब सौ वर्षो की सबसे बड़ी बाढ़ की मार झेल रहे केरल में बचाव का काम लगभग पूरा हो चुका है. अब बाकी है तो केवल लोगो के घरो में खालीपन, उनकी आँखों में बसा तबाही का वो मंजर. केरल में बाढ़ से तबाही का कारण केवल बारिश ही नही है बल्कि पर्यावरणविदो के मुताबिक बारिश के अलावा तबाही का अन्य कारण अवैध निर्माण भी है जो कि इन जगहों पर सरकार की नाक के नीच...

सरकार का चौपाया बनने की कगार पर लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ

एबीपी न्यूज़ चैनल में पिछले 24 घंटों के दौरान जो कुछ भी हुआ है , वो चौंकाने वाला बिल्कुल भी नही है. ये एक ना एक दिन होना ही था.  जब आप सरकार की नाकामियों कॊ जनता के सामने लाने लगे, सरकार द्वारा दिये जा रहे बड़े बड़े भोजों का तिरस्कार करने लगे, और सबसे बड़ी बात जब आपके सहयोगी (गोदी मीडिया) आपके ऊपर हुई इस कार्यवाही पर चुप्पिया साधे बैठ जाये, फिर जब इस तरीके की बाते (जबरन इस्तीफा)  सामने आती है तो आपको कोई हैरानी नही होनी चाहिये.. अभिसार शर्मा, मिलिंद, पुण्य प्रसून बाजपेयी इन तीन पर आज जो गाज गिरी है उसकी गूँज आपको भविष्य में ज़रूर सुनने कॊ मिलेगी. समय एक सा नही रहता. कई लोग कह रहे है कि अब रवीश की बारी है, मैं कहता हूँ अब उन सब कलमकारों की बारी है जो इस मुद्दे पर अपनी ज़बान बंद कर बैठे हैं. लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का वर्तमान में क्या हाल है, किसी से छिपा नही है. ये चौथा स्तम्भ सरकार का चौपाया बनने की कगार पर है. हालाँकि आप में से काफ़ी लोगो की वैचारिक राय होने के कारण वो मन ही मन इस फैसले पर खुश भी हो रहे होगे, पर क्या आपने सोचा है कि इस समय जो हो रहा है वो भविष्य की सरक...