तृतीय केदार श्री तुंगनाथ महादेव यात्रा दिनांक 11/11/2020 आज की सुबह काफी देर से हुई थी, उसका कारण कल की थकान थी, तकरीबन 7 बजे उठकर फ्रेश होने के बाद चाय पी, चाय पीने के बाद नहाने के लिए गर्म पानी मांगा तो 50 रुपए प्रति बाल्टी के हिसाब से गर्म पानी उपलब्ध हुआ, नहा धोकर जब कमरे से बाहर निकले तो एक बार फिर से फोटो ग्राफी सेशन शुरू हुआ, सुबह सुबह पहाड़ों के एक तरफ पड़ती हुई धूप और पीछे की ओर के पहाड़ वाकई मे मनमोहक लग रहे थे। अभी चोपता काफी शांत था, शांत से आशय इस बात से है कि अभी टूरिस्ट ने आना शुरू नहीं किया था अन्य जगहों से। दरअसल ऊखीमठ और रुद्रप्रयाग में रात बिताने वाले व्यक्तियों को कम से कम डेढ़ से दो घंटे चोपता तक लगने ही थे, यहां पर्यटकों की आवाजाही का पीक समय 10.30 से 3 बजे तक का होता है। फोटोसेशन होने के बाद गाड़ी में बैठकर मक्कू मठ की ओर प्रस्थान किया जो यहां से लगभग 16 किलोमीटर था, जबकि स्थानीय लोगो के मुताबिक 9-10 किलोमीटर के आसपास। लगभग 45-50 मिनट के बाद हम मक्कुमठ में थे, ये गांव घाटी में तलहटी में बसा हुआ है और समृद्ध गांव है, श्री तुंगनाथ महादे...