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आज से करिए सैर, पर्यटकों के लिए खुला दुधवा नेशनल पार्क


                 उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध और एकमात्र इकलौते नेशनल पार्क दुधवा नेशनल पार्क आज 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। दुधवा नेशनल पार्क अपने आप में एक बेहद खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यान है, इसे उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड राज्य के अलग होने के ठीक बाद घोषित किया गया था। 

दुधवा नेशनल पार्क का मुख्य द्वार

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी में स्थित यह नेशनल पार्क एक सींग वाले गैंडे एवं बाघों के लिए प्रसिद्ध है। भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित इस नेशनल पार्क की सीमा 818 वर्ग किलोमीटर में फैली है, इस नेशनल पार्क के जानवर अक्सर नेपाल के प्रसिद्ध एवं बॉर्डर से लगे राष्ट्रीय पार्क चितवन नेशनल पार्क तथा शुक्ला फांटा नेशनल पार्क तक विचरण करते हुए देखे जाते है। दुधवा में अनेकों प्रकार के वन्यजीव यथा बाघ, हाथी, गैंडे, लोमड़ी, जंगली भालू, मगरमच्छ, घड़ियाल, जंगली सुअर निवास करते है। 

दुधवा का प्रसिद्ध गैंडा

दुधवा नेशनल पार्क की सीमा से ही लगे हुए पीलीभीत जिले के पीलीभीत टाइगर रिजर्व तथा बहराइच जनपद के कतरनिया घाट एवं लखीमपुर के ही किशनपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के द्वार भी आज पर्यटकों के लिए खोल दिए गए है, जहां पर्यटक कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए इन पार्कों का भ्रमण कर सकेंगे। 

दुधवा से लगे हुए पीलीभीत जनपद के पीलीभीत टाइगर रिजर्व एवं किशनपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में बाघों की संख्या बहुतायत में होने के कारण पर्यटक दुधवा भ्रमण के बाद बाघ न दिखने की स्थिति में इन स्थानों का भ्रमण जरूर करते है। 

किशनपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का झादीताल बारहसिंघो के लिए प्रसिद्ध है, वहीं कतरनियां घाट घड़ियालो लिए प्रसिद्ध है।  दुधवा नेशनल पार्क में 450 प्रकार की पक्षियों की प्रजातियां है।


ये सभी नेशनल पार्क और राष्ट्रीय उद्यान 1 नवंबर से 15 जून तक खुलते है, एवं 16 जून से 14 नवंबर तक बारिश के मौसम में बंद रहते है, इस वर्ष हाल ही में हुई बेमौसम बरसात व आई बाढ़ के कारण पार्क के अंदर बड़े स्तर पर मलबा एवं दलदल हो गई थी, जिसके कारण पार्क 15 दिन देरी से खुल रहा है। 

इस राष्ट्रीय उद्यान में रुकने के लिए 14 से ज्यादा थारू हट, गेस्ट हाउस, सठियाना रेंज में 4 बेड, डोरमेट्री 20 उपलब्ध है। वर्तमान समय में आप दुधवा में हाथी की सवारी भी कर सकते है, 2016 में इस हाथी की सवारी पर रोक लगा दी गई थी जिसे हाल ही में हटा दिया गया है। 


दुधवा में रुकने के लिए टैरिफ

एक कॉटेज डबल भारतीय 3600

एक कॉटेज सिंगल भारतीय 2400

एक कॉटेज डबल विदेशी 4800

एक कॉटेज सिंगल विदेशी 3000

डोरमेट्री 10 बेड भारतीय 11000

डोरमेट्री 10 बेड विदेशी 18500

इंट्री फीस प्रति ट्रिप प्रति व्यक्ति 100

इंट्री फीस प्रति व्यक्ति प्रति व्यक्ति विदेशी 300

गाइड 400 रुपए प्रति गाइड प्रति राइड, सफारी

वन विभाग की जिप्सी का किराया 2000 लगभग


कैसे पहुंचे


दुधवा नेशनल पार्क पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट लखनऊ एवं बरेली है, आप लखनऊ अथवा बरेली पहुंचकर टैक्सी अथवा रोडवेज बस के द्वारा लखीमपुर पहुंचकर पलिया से पार्क में इंट्री कर सकते है, इसी प्रकार किशनपुर के लिए आपको जनपद लखीमपुर के मैलानी कस्बे तक आना होगा, मैलानी के लिए हर प्रकार की सड़क मार्ग की सेवाएं लखीमपुर, पीलीभीत, एवं शाहजहापुर जिले से उपलब्ध है। इसी प्रकार पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए आपको जनपद पीलीभीत पहुंचना होगा जो कि सड़क मार्ग से लखनऊ एवं बरेली से जुड़ा है, इसी तरह कतरनिया घाट के लिए आपको लखनऊ से 205 किलोमीटर की दूरी तय कर बहराइच जिला पहुंचना होगा। 


आप इन पार्कों में घूमने के लिए ऑनलाइन बुकिंग भी करा सकते है, ऑनलाइन बुकिंग के लिए आपको उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Upecotourism.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग वाले विकल्प का चयन कर उपरोक्त किसी भी पार्क की बुकिंग कर सकते है। 


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